जॉन्स हॉपकिन्स के वैज्ञानिकों ने मरीजों की कोशिकाओं से बने "मिनी-ब्रेन" ऑर्गेनॉइड से पता लगाया कि अल्जाइमर में अवसादरोधी दवा का असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। यह तकनीक भविष्य में डॉक्टरों को इलाज से पहले ही यह जांचने में मदद कर सकती है कि कौन सी दवा किस मरीज के लिए बेहतर काम करेगी।