कानपुर में कई वर्षों से बेहद बड़े हो चुके ग्रोइन-स्क्रोटल हर्निया का सफल उपचार किया गया। मरीज की सूजन इतनी बढ़ गई थी कि अंडकोष घुटने के करीब पहुंच गया था। जांच में आंत का बड़ा हिस्सा हर्निया के रास्ते अंडकोष की थैली में पहुंच गया था। सर्जरी से पहले पेट की दीवार को तैयार करने के लिए बोटुलिनम टॉक्सिन का इस्तेमाल किया गया और बाद में लैप्रोस्कोपिक हर्निया रिपेयर किया गया।